क्या विकेंद्रीकृत एक्सचेंजें (Decentralized Exchanges) केंद्रीकृत (Centralized) एक्सचेंजों के साथ मुक़ाबला कर सकती हैं? यहाँ हैं वो चुनौतियाँ जिन्हें डीईएक्स (DEX) को पार करना होगा मुक़ाबला करने के लिए।

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19, मई, 2022

यदि आप क्रिप्टो क्षेत्र में कुछ समय से हैं, तो निश्चित रूप से आप जानते हैं कि सीईएक्स (केंद्रीकृत एक्सचेंजें) क्या हैं। ऐतिहासिक रूप से, केंद्रीकृत एक्सचेंजें डिजिटल मुद्राओं की स्थापना के समय से हैं। उनके उपयोग में आसानी, उपयोगकर्ता के अनुकूल इंटरफेस और कई अलगअलग ब्लॉकचेन में व्यापार करने की सुविधा के कारण, केंद्रीकृत एक्सचेंजें आज भी लोकप्रिय हैं। ये एक्सचेंजें टोकन का व्यापार करना आसान बनाती हैं क्योंकि वे सरल फ़िएट से क्रिप्टो में रूपांतरण के साथसाथ ज़्यादा मात्रा में व्यापार करने की सुविधा देती हैं।

फिर भी, सीईएक्स (CEXs) की केंद्रीकृत प्रकृति, एक्सचेंजों को अपने उपयोगकर्ताओं के ऐसेट्स पर पूर्ण नियंत्रण रखने की अनुमति देती है। साथ ही, वे साइबर हमलों से ग्रस्त हैं और केवाईसी (KYC) की मांग करते हैं।

डीईएक्स (DEXs): चुनौतियाँ जो डीईएक्स (DEX) को पार करनी होंगी, सीईएक्स (CEXes) के शक्तिशाली प्रतियोगी बनने के लिए

एक विकेन्द्रीकृत एक्सचेंज, या डीईएक्स (DEX), एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो एक क्रिप्टोकुरेंसी को दूसरे के साथ एक्सचेंज करने की क्षमता प्रदान करता है, अन्य एक्सचेंजों के लिए लिक्विडिटी प्रदान करता है, साथ ही साथ स्टेकिंग और फार्मिंग में शामिल होता है।

विकेंद्रीकृत एक्सचेंजें (Decentralized exchanges) वे हैं जिनमें कोई केंद्रीय तीसरी पार्टी नहीं है। इसका मतलब है कि कोई भी एक्सचेंज के संचालन को नियंत्रित नहीं करता है।

केंद्रीकृत एक्सचेंजों पर, एक कंपनी ऑर्डर बुक, उपयोगकर्ता के खातों और अन्य सभी चीजों का प्रबंधन करती है। इसके विपरीत, विकेंद्रीकृत एक्सचेंजों पर, इन विवरणों को स्मार्ट अनुबंधों द्वारा नियंत्रित किया जाता है, जो स्वचालित रूप से कार्य निष्पादित करते हैं।

आइए देखें कि डीईएक्स (DEX) कैसे काम करता है।

AMMdroids: डीईएक्स (DEX) के क्या कार्य हैं?

एक आंतरिक एक्सचेंज क्या भूमिका निभाता है? आपके वॉलेट से एक टोकन के रूप में पैसे भेजने और दूसरे टोकन प्राप्त करने की प्रक्रिया क्या है?

एएमएम (AMMs), या स्वचालित बाजार निर्माता (automated market makers), विकेंद्रीकृत एक्सचेंजों (डीईएक्स) का प्रतिनिधित्व करते हैं जो ऐसेट्स की कीमत के लिए गणित के फॉर्मूलों का उपयोग करते हैं। इसके विपरीत, केंद्रीकृत एक्सचेंज centralized exchanges (सीईएक्स) ऑर्डर बुक का उपयोग करती हैं।

एक तरह से, एक एएमएम ऑर्डर बुक एक्सचेंज के समान ही है क्योंकि यहाँ ट्रेडिंग के जोड़े हैंउदाहरण के लिए, ईटीएच / यूएसडीटी। अंतर यह है कि डीईएक्स (DEX) पर दूसरी तरफ एक प्रतिपक्ष (दूसरे ट्रेडर) के बिना ट्रेड किया जा सकता है। इसके विकल्प के रूप में, आप एक स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट से डील करते हैं जो बाजार कोक्रिएट करता है

हम एक स्वचालित मार्केट मेकर की तुलना एक ऐसे एंड्रॉइड से कर सकते हैं जो हमेशा दो ऐसेट्स के बीच कीमत पेश करने को तैयार रहता है। उदाहरण के लिए, आप अपने मेटामास्क ब्राउज़र वॉलेट को सबसे लोकप्रिय डीईएक्सयुनिस्वैप (DEX – Uniswap) से जोड़ सकते हैं, जो एथेरियम ब्लॉकचेन पर चलता है। प्लेटफ़ॉर्म तुरंत आपके वॉलेट के माध्यम से सभी एक्सचेंज ऑपरेशन को रूट कर देगा। एक करेंसी डेबिट की जाएगी, और दूसरी क्रेडिट की जाएगी। कोई भी और स्टेप की आवश्यकता नहीं है

एएमएम (AMMs) का मुख्य लाभ क्या है

AMMs (एएमएम) केवल आपको भरोसे के साथ ट्रेड करने की अनुमति देते हैं, बल्कि वे आपको हाउस (house) बनने और लिक्विडिटी पूल को लिक्विडिटी प्रदान करने का अवसर भी देते हैं। इस तरह, आप किसी एक्सचेंज में मार्केट मेकर के प्रतिनिधि बन सकते हैं और फीस के बदले में लिक्विडिटी प्रदान कर सकते हैं।

उपयोग करने में आसान और सरल होने के कारण, एएमएम ने वास्तव में डेफी (DeFi) स्पेस में अपना स्थान बना लिया है।

डीईएक्स के कमजोर पॉइंट क्या हैं?

हालाँकि डीईएक्स (DEXs) फायदेमंद हैं, लेकिन उनमें कुछ कमियाँ हैं। इसलिए, वे अपने नेटवर्कों की लेनदेन क्षमता में सीमित हैं। जब वॉल्यूम बढ़ता है, तो ट्रेडों को निष्पादित करने की फीस भी बढ़ती है। यह डीईएक्स  (DEXs) के लिए एक बड़ी समस्या बन गई है, जिनमें से बहुत से एथेरियम (Ethereum) पर होस्ट किए गए हैं और अपने ट्रेड को प्रबंधित करने के लिए एक स्वचालित बाजार निर्माता (एएमएम) का उपयोग करते हैं।

डीईएक्स (DEXs) कौन से समाधान ला सकता है?

डीईएक्स (DEXs) को सीईएक्स (CEXs’) की समस्याओं के समाधान के रूप में विकसित किया गया था और आपको और अन्य उपयोगकर्ताओं को अपने ऐसेट्स के स्वामित्व का सही अहसास देने के लिए। डीईएक्स (DEX) एक स्वचालित प्रोटोकॉल के साथ इसे बदलकर बिचौलिये (एक केंद्रीकृत ऑथोरिटी) को हटा देता है। यहाँ आपके पास उनके ऐसेट्स और सुरक्षा के अभूतपूर्व स्तर पर पूर्ण नियंत्रण है, साथ ही किसी पंजीकरण और केवाईसी (KYC) प्रक्रिया की आवश्यकता है।

डीईएक्स (DEX) को अपने केंद्रीकृत समकक्षों के साथ मुकाबला करने के लिए, निम्नलिखित समस्याओं को हल करने की आवश्यकता है:

  • उच्च शुल्क
  • लंबे इंतजार का समय
  • डेरिवेटिव ट्रेडिंग
  • ज़्यादा मात्रा के ट्रेड से निपटने में कठिनाई

वर्तमान में, अधिकांश डीईएक्स (DEXs) एएमएम का उपयोग करते हैं और एथेरियम नेटवर्क पर चलते हैं।यह मॉडल अच्छी तरह से स्केल नहीं करता है, जिसका उपयोगकर्ताओं द्वारा भुगतान किए जाने वाले बहुत ही ज़्यादा गैस शुल्क से पता चलता है। लेकिन इसका एक हल है।

डीईएक्स (DEX) के लिए AMM के बजाय लिमिट ऑर्डर बुक लगाना संभव है। डीईएक्स (DEXs), पोलीगोन (Polygon) की तरह लेयर-2 पर भी चल सकता है। यह मॉडल कम शुल्क और तेज लेनदेन के साथ अधिक ट्रेडिंग वॉल्यूम की अनुमति भी देता है।

जहाँ एक एएमएम छोटे मार्केट कैप और कम समग्र ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ कॉइन्स को ट्रेड करते समय ठीक से काम करता है,वहीं बड़ी मात्रा या डेरिवेटिव ट्रेडों को प्रोसेस करने का प्रयास करते समय सिस्टम को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

यह स्पष्ट है कि इसके समाधान में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • लेयर-2 पर डीईएक्स (DEX) का निर्माण
  • एक क्लासिक लिमिट ऑर्डर बुक मॉडल
  • कम लेनदेन का समय और कम शुल्क।

डीईएक्स जो समाधान ला सकते हैं वे मूल्यवान क्यों नहीं हैं?

अधिकांश नए उपयोगकर्ता डीईएक्स (DEXs) पर व्यापार करने में सक्षम नहीं होंगे क्योंकि इसके लिए जटिल ज्ञान की आवश्यकता होती है। वे फिएट करेंसी के लेनदेन का भी समर्थन नहीं करते हैं, जिससे लिक्विडिटी चुनौतीपूर्ण हो जाती है। इस वजह से, जो उपयोगकर्ता डीईएक्स (DEX) को चुनते हैं, वे सीईएक्स (CEX) की सुविधा को खो देते हैं। हालाँकि, सीईएक्स (CEX) का चयन करते हुए, वे अपने ऐसेट्स पर नियंत्रण खो देते हैं। 

इसके अतिरिक्त, कई उपयोगकर्ता सार्वजनिक नेटवर्क (पब्लिक नेटवर्क) पर डीईएक्स (DEX) का उपयोग करते समय पैसे खो देते हैं: ट्रांज़ैक्शन यानि सौदे पर हस्ताक्षर करने पर उनके ऐसेट्स चोरी हो सकते हैं। इसलिए लोगों को अधिक सावधान रहने की जरूरत है।

एक और बड़ी बाधा है वॉलेट की सुरक्षा। हालाँकि, मेटामास्क की तुलना में अधिक सुरक्षित समाधान और अधिक संरक्षित वॉलेट की माँग की जा रही है, लेकिन, यह एक कीमत पर आता है। सुरक्षित समाधान का मतलब है लोगों के पास गुप्त कीज़ का एक्सेस नहीं है, और इसलिए वे वॉलेट प्रतिपक्ष पर बहुत ज़्यादा निर्भर हैं। 

अंतिम लेकिन किसी से कम नहीं हैं गैस (GAS) शुल्क।

गैस क्या है और यह डीईएक्स (DEX) को इतना महँगा क्यों बनाती है?

एथेरियम पर होने वाले लेनदेन के लिए गैस एक ईंधन है। प्रत्येक लेनदेन, स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स (जैसे कि डीईएक्स (DEX) पर किए गए ट्रेडों) द्वारा निष्पादित कार्यों सहित, ईथर (ईटीएच) की एक छोटी राशि की आवश्यकता होती है। गैस शुल्क को ईटीएच की सबसे छोटी इकाई यानि ग्वेई (gwei) में मापा जाता है।

डीईएक्स (DEX) के लिए, ट्रेडों में अधिक समय लग सकता है और नेटवर्क में भीड़भाड़ होने पर उच्च शुल्क की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, एएमएम को अपनी कीमतों को अपडेट करने में जितना अधिक समय लगेगा, खरीदारों और विक्रेताओं के बीच उतना ही ट्रेड प्रसार होगा, जिससे उपयोगकर्ता की लागत और भी बढ़ जाएगी। 

यहाँ एक उदाहरण दिया गया है कि कैसे उच्च गैस शुल्क समस्या कर सकता है: जुलाई 2021 में, शेपशिफ्ट प्लेटफॉर्म ने अपने 3400 लाख ( 340 million) फॉक्स (FOX) टोकनों को 900,000 से अधिक पूर्व शेपशिफ्ट उपयोगकर्ताओं और विभिन्न डेफी (DeFi) प्रोटोकॉल के लगभग 120,000 उपयोगकर्ताओं के लिए एयरड्रॉप किया था।

जिस किसी ने भी शेपशिफ्ट का उपयोग किया, साथ ही वाईअर्न (Yearn), यूनिस्वैप (Uniswap), गिटकोइन (Gitcoin) और अन्य इन जैसे विभिन्न डेफी (DeFi) प्लेटफॉर्मो के कुछ उपयोगकर्ताओं को फॉक्स (FOX)  टोकन प्राप्त हुए। 

बहुत बढ़िया, है ना

यहाँ केवल एक ही समस्या उत्पन्न हुई थीगैस शुल्क।

एथेरियम गैस शुल्क अधिक क्यों हैं? एयरड्रॉप्स और बेकार के पुरस्कार 

एयरड्रॉप को क्लेम करने के लिए, उपयोगकर्ताओं को टोकन प्राप्त करने के लिए एक गैस फ़ीस देनी पड़ी यदि उपयोगकर्ता केवल यही करना चाहते, तब शायद यह इतना बुरा नहीं होता। लेकिन अगर कोई एक अलग टोकन के लिए फॉक्स (FOX) का ट्रेड करना चाहता और फिर उसे किसी दूसरे वॉलेट में ले जाना चाहता, तो क्या होता?

जी हाँ, इसमें दो अतिरिक्त शुल्क लगते: एक शेपशिफ्ट प्लेटफॉर्म पर टोकन स्वैप के लिए और दूसरा डीईएक्स (DEX) के बाहर ट्रांज़ैक्शन करने के लिए। 

जुलाई 2021 के मध्य में जब एयरड्रॉप की घोषणा की गई थी, औसत गैस शुल्क मूल्य लगभग 45 ग्वेई (gwei) था। 1 ईटीएच (1 ETH) की कीमत लगभग 1,880 डॉलर थी। उस समय, इसका मतलब था कि एक ग्वेई (gwei) एक पैनी के एक हजारवें हिस्से से भी कम के बराबर था।

तो, लेनदेन की लागत सस्ती होनी चाहिए थी, या ऐसा कोई सोच सकता है।

लेकिन असल में, डीईएक्स (DEX) लेनदेन इतना सरल नहीं है। और ग्वेई (gwei) में मापी गई गैस की कीमत एक स्मार्ट अनुबंध में केवल एक फ़ंक्शन को कवर करती है। इन ट्रांसेक्शन्स में कई अनुबंधों में होने वाले बहुत से फंक्शन्स शामिल हो सकते हैं।

यह कितना बुरा हो सकता है?”, आप सोच रहे होंगे। जवाब है: बहुत बुरा। 

2021 में फॉक्स (FOX) एयरड्रॉप को क्लेम करने के लिए उपयोगकर्ताओं को ETH में 20 अमरीकी डॉलर के करीब खर्च करना पड़ता था। फिर, अगर वे प्लेटफॉर्म पर एक और टोकन के लिए स्वैप करना चाहते थे, जैसे की यूएसडीसी (USDC), तो उनको 20 अमरीकी डालर और देने पड़ते। और अंत में, एक ईआरसी (ERC) -20 टोकन जैसे यूएसडीसी (USDC) को दूसरे वॉलेट में ट्रांसफर करने के लिए 20 अमरीकी डालर (लगभग) और खर्च करने पड़ते।

आखिरकार, यदि किसी उपयोगकर्ता को (400 USD) अमरीकी डालर मूल्य का FOX (फॉक्स) एयरड्रॉप कर दिया गया होता, तो वो गैस शुल्क के कारण उन टोकन का लगभग 15% खो देता।

कुल मिलाकर

आज, उपयोगकर्ता अपनी स्थिति का लाभ उठाने के लिए पैसे उधार ले सकते हैं, निष्क्रिय रूप से ब्याज कमाने  के लिए पैसे उधार दे सकते हैं, या विकेंद्रीकृत एक्सचेंजों (decentralized exchanges) के माध्यम से शुल्क इकठा करने के लिए लिक्विडिटी प्रदान कर सकते हैं।

क्योंकि ये प्लेटफ़ॉर्म स्व-निष्पादित स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स पर बनाए गए हैं, इसलिए भविष्य में इनके और अधिक उपयोग हो सकते है। उदहारण  के लिए, कैसे विकेंद्रीकृत वित्त क्षेत्र (decentralized finance sector) में नवाचार यानि इनोवेशन उन उत्पादों और सेवाओं की तरफ ले जा सकता है जो पहले संभव नहीं थे, जैसे की फ्लैश लोन, जो एक ही ट्रांज़ैक्शन में लिए गए और चुकाए गए ऋणों को संदर्भित करता है।

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